Rajasthan GK ll वर्द्धन काल ll Gk in Hindi

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वर्द्धन काल

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Rajasthan GK

सातवीं सदी के आरंभ में भारत के उत्तर-पश्चिम से गुर्जर लोगों ने आकर राजस्थान पर अधिकार जमा लिया। गुर्जरों ने भीनमाल (जालौर जिला) को अपनी राजधानी बनाया। सातवीं सदी के पूर्वार्द्ध में उत्तरी भारत पर वर्द्धन/वर्धन वंश (पुष्यभूति वंश) के शासकों का शासन था। वर्धन वंश के प्रथम महत्त्वपूर्ण शासक प्रभाकरवर्धन (580-605 ई.) ने गुर्जरों का राज्य नष्ट किया। मालवा (पूर्वी राजस्थान) के शासक महासेन गुप्त के भानजे प्रभाकरवर्धन ने थानेश्वर (करनाल जिला/हरियाणा) से राजस्थान के दक्षिणी व पश्चिमी क्षेत्र पर अधिकार जमा लिया। प्रभाकरवर्धन के पुत्र हर्षवर्धन (606-47 ई.) ने गुर्जरों से भीनमाल छीन लिया और मालवा को भी अपने साम्राज्य में मिला लिया। राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों से मिले हर्ष संवत् युक्त अभिलेखों से हर्षवर्धन, जिसे प्राचीन भारत का अंतिम साम्राज्य निर्माता कहा जाता है, के साम्राज्य विस्तार का संकेत मिलता है। इसके अनुसार, राजस्थान का अधिकांश क्षेत्र हर्षवर्धन के साम्राज्य में शामिल था। हर्षवर्धन ने 1647 ई. तक राज्य किया। 647 ई. में हर्षवर्धन निस्संतान मरा जिससे राजसिंहासन पर उसके अमात्य अरुणाश्व ने कब्जा कर लिया। उसकी मृत्यु के बाद पुनः अराजकता फैल गई और छोटे-छोटे राज्यों की स्थापना हुई।

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