Kerala, भारत का दक्षिण-पश्चिम भाग में स्थित एक राज्य-Important information of Kerala state

Important information of Kerala state

Kerala, भारत का दक्षिण-पश्चिम भाग में स्थित एक राज्य-Important information of Kerala state

Important information of Kerala state

 

केरल, भारत का दक्षिण-पश्चिम भाग में स्थित एक राज्य है। इसकी राजधानी थिरुवनंथपुरम है। केरल को “स्वर्ग की भूमि” के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि यहाँ की प्राकृतिक सौन्दर्य और हरियाली से प्रसिद्ध है।

केरल छोटा राज्य है, लेकिन यहाँ की जनसंख्या अधिक है और यहाँ की जनसंख्या अधिकांश लिटरेसी दर के साथ जानी जाती है। यहाँ की मुख्य भाषा मलयालम है। केरल के लोग मलयाली के रूप में जाने जाते हैं।

यहाँ के लोगों की धरोहर मेहंदी, कथकली (एक प्रसिद्ध नृत्य), और केरल की वेशभूषा में छिपी होती है। केरल की महिलाएं ओणम महोत्सव के समय साड़ी में दिखाई देती हैं, जो यहाँ की परंपरा है।

केरल का खाना भी विशेष है। दोसा, इडली, सांभर, और रसम यहाँ के प्रसिद्ध खाद्य पदार्थ हैं। केरल में गैर-शाकाहारी भी पसंद है, और सीफ़ूड, मछली, और नारियल का दूध भोजन में शामिल होता है।

यहाँ के लोगों का धर्म अधिकांशत: हिन्दू, क्रिश्चियन, और मुसलमान है, लेकिन यहाँ पर धार्मिक सद्भाव भी दिखाई देता है। केरल में मंदिर, गिर्जाघर, और मस्जिद बहुत सुंदर होते हैं।

केरल का उद्योग शायद ही किसी और राज्य से अलग हो। आयुर्वेद, पर्यावरण संरक्षण, और पर्यावरण पर आधारित उद्योग यहाँ अधिक महत्वपूर्ण हैं। केरल में कृषि, रबर उत्पादन, और पर्यटन भी महत्वपूर्ण हैं।

इस राज्य में कई प्रकार के रंगीन और परंपरिक त्योहार मनाए जाते हैं, जिनमें ओणम, विषु, और त्रिशूर पूरम प्रमुख हैं। केरल एक खूबसूरत स्थल है जहां आप प्राकृतिक सौंदर्य और संस्कृति का आनंद ले सकते हैं।

केरल कला और संस्कृति

केरल कला और संस्कृति एक विविध और समृद्ध धरोहर का प्रतीक है, जिसमें प्राचीनतम एवं मौलिक रूप से अपनाये जाने वाले कला रूप हैं। यहां कुछ मुख्य कला और संस्कृति के पहलू हैं:

1. नृत्य और संगीत:

  • Kathakali: यह केरल का प्रमुख लोकनृत्य है, जो एक मिश्रण है गायन, नृत्य, और रंगमंच कला का। इसमें विशेष रूप से अद्वितीय मेकअप और वस्त्र का प्रयोग किया जाता है.
  • Mohiniyattam: एक और प्रमुख लोकनृत्य है, जो मोहिनी (भगवान विष्णु के मोहन रूप) के नाम पर है। इसमें ग्रेसफुल और नृत्यात्मक प्रस्तुति का उपयोग होता है.

2. परंपरागत कला:

  • Kalaripayattu: यह केरल का परंपरागत मर्मसार कला है जिसमें शारीरिक योग्यता, लड़ाई, और शस्त्र कला का प्रयोग होता है.
  • Koodiyattam: यह प्राचीन संस्कृत ड्रामा की प्राचीनतम जीवंत प्रदर्शनी है जिसमें भाषा, संगीत, और नृत्य का मिश्रण होता है.

3. चित्रकला:

  • Mural Painting: केरल में मुरल पेंटिंग का प्रचलन है, जो मंदिरों और पारंपरिक इमारतों की दीवारों पर प्राचीन कथाओं और धर्मिक विषयों के चित्रों को बनाने के लिए उपयोग किया जाता है।

4. संस्कृति और धर्म:

  • केरल में धार्मिक सहिष्णुता के साथ-साथ हिन्दू और अन्य धर्मों के विभिन्न पर्व और उत्सव मनाए जाते हैं, जैसे कि ओणम, विषु, और थ्रिस्सूर पूरम.

5. भाषा और साहित्य:

  • मलयालम केरल की मुख्य भाषा है, और यहाँ पर मलयालम साहित्य का भव्य परंपरागत इतिहास है, जिसमें श्रीनारायण गुरु, वैकोम मोहन्दास, और वल्लथोल नारायण मेनन जैसे प्रमुख साहित्यकार शामिल हैं।

केरल की कला और संस्कृति अपनी अनूठी पहचान के लिए प्रसिद्ध है और यहाँ की प्राचीनतम परंपराओं और मौलिकताओं का पालन किया जाता है।

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